हेलो दोस्तों, आज मैं एक बार फिर से आप लोगो के लिए अपनी एक नई पोस्ट और नई जानकारी लेकर हाजिर हो गया हूँ. आज की मेरी ये पोस्ट बहुत ही Importent होने वाली है क्योकि आज की इस पोस्ट में मैं आप लोगो को लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाया जाता है इसके बारे में बताने वाला हूँ. बहुत से ऐसे इंसान है जो लोहड़ी का इतिहास के बारे में नहीं मालूम है इसलिए मैंने आज इस पोस्ट को लिखने के बारे में सोचा है तो चलिए ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए सीधे मुद्दे पर आते है और जानते है की हम लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाते है.




जैसा की आप सभी जानते है की 13 जनवरी आने वाली है और इस दिन हम सभी लोहड़ी का त्यौहार मनाते है. लेकिन आखिर इस के पीछे इतिहास क्या है. लोहड़ी का इतिहास बताने से पहले मैं आप लोगो को ये बता देना चाहता हूँ की लोहड़ी का त्यौहार पंजाबियों का सबसे Famous त्यौहार होता है और इसे केवल भारत में ही नहीं बल्कि भारत से बाहर रहने वाले भी बड़ी धूमधाम से मनाते है. तो चलिए अब शुरू करते है हम अपनी पोस्ट को और जानते है की हम लोहड़ी का त्यौहार क्यों मनाते है

लोहड़ी के त्यौहार को लेकर बहुत सारी कथाये है. आप ये सब कथाये Google पर search कर सकते हो. यहां पर जो कथाये Famous है और जितना मैंने बड़े बुजुर्गो से सूना है उन सब के बारे में मैं आप सब को यहां पर बताने वाला हूँ. मैंने वो सभी कथाय निचे लिखी है आप मेरी वो सभी कथाये जो लोहड़ी को लेकर फेमस है निचे पढ़ सकते है


लोहरी का इतिहास :-

ऐसा कहा जाता है कि लोहरी संत कबीर कि पत्नी लोई से संभंधित है. तो वही कुछ लोगो का कहना है कि लोहरी शब्द कि उत्पति होलिका की बहन के नाम पर हुआ मानते है. ऐसा कहा जाता है कि होलिका कि बहन आग से बच गयी थी जबकि खुद होलिका जल गयी थी. एक और गाथा है कि लोहरी का त्यौहार प्रजापति दक्ष की बेटी योगगिनी के दहन की याद में भी मनाया जाता है. वही कुछ लोग इस समय फसल पूरी तरह से पक कर तैयार हो जाती है तो इसी ख़ुशी में लोहरी का त्यौहार मनाते है

कहाँ और कैसे मनाया जाता है :-


लोहरी का त्यौहार वैसे तो पुरे भारत में मनाया जाता है लेकन खासकर देखा जाये तो ये केवल उत्तरी भारत का त्यौहार है .लोहरी का त्यौहार पंजाबियों का त्यौहार माना जाता है और ये त्योहार हरियाणा , पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू में बड़े ही हर्षोउल्लास से माने जाता है. भारत से बाहर रहने वाले लोग भी इस त्यौहार को मनाते है.




जैसा कि आप सभी जानते है कि लोहरी का त्यौहार 13 जनवरी को मनाया जाता है यानि कि मकर सक्रांति के दिन से एक दिन पहले . 13 जनवरी कि रात को किसी खुली जगह पर लकड़ियों में आग लगाकर इसके चारो तरफ लोग इकठ्ठा होते है और आग सकते है. पंजाबी लोग आग के चारो तरफ घूम कर गिद्दा करते है और खूब नाचते है. बच्चे इन सब का आनंद लेते है.



इस रात को रेवड़ी , मूंगफली, आदि का प्रसाद सबमे बाटा जाता है . कुछ बड़े बुजुर्ग का अग्नि के सामने अपने बच्चो की शादी की इच्छा मनोकामना करते है और जिन लड़के या लड़कियों की शादी के बाद पहली लोहरी होती है उनका रूप तो देखने को ही बनता है . वो नजारा ही कुछ अलग होता है. अगर आपको इन सब नजारो का मजा लेना है तो आप लोहरी वाली रात पंजाब में रुकिए . कसम से कहता हों की मजा आ जायेगा आपको.

तो ये कुछ होता है लोहरी वाली रात को.


 उम्मीद करूँगा कि आपको मेरी ये पोस्ट पसंद आयी होगी और आप सब ये जान भी गए होंगे कि लोहरी क्यों और कैसे मनाई जाती है. अगर आपको मेरी इस पोस्ट से संभंधित कोई भी सवाल है तो आप मुझे कमेंट कर के बता सकते है . मैं आपकी कमेंट का इंतज़ार करूँगा. धन्यवाद