सरकारी नियमों में कागज का बड़ा मोल है। बिना लिखा पढ़ी कोई काम नहीं किया जाता। इस बात से उनका कोई ताल्लुक नहीं कि जिसे नोटिवे दे रहे हैं वो सजीव है या निर्जीव। वह कोई आदमी है या नीरा पेड़। मामला प्रदेश के भिलाई का है जहां चबूतरा खाली कराने के लिए पीपल के पेड़ को नगर निगम ने नोटिस जारी कर दिया।
दरअसल इस पीपल पेड़ के आसपास समय समय पर पूजा पाठ और अनेक धार्मिक कर्मकांड किया जाता है। लोगों की सुविधा के लिए यह चबूतरा स्थानीय लोगों ने बना दिया है। निगम को इसी चबूतरे से ऐतराज है। हालांकि स्थानीय निवासियों ने बार बार भरोसा दिया है कि यह अतिक्रमण या उसकी कोई प्रक्रिया जैसा नहीं है यह विशुद्ध रूप से धार्मिक कार्यों के लिए बनाया गया है लेकिन नगर निगम इसे मानने को तैयार नहीं है और बार-बार नोटिस इशू कर रही है।
नगर निगम के इस कदम से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उनका कहना है कि निगम बेवजह हमारे धार्मिक कार्यों में अड़ंगा लगा रहा है जबकि स्थानीय लोग कई बार निगम को अतिक्रमण न होने को लेकर आश्वस्त कर चुके हैं। अब पीपल को नोटिस देने पर लोग निगम का मजाक भी उड़ा रहे हैं और धार्मिक कार्यों में दखलंदाजी के लिए आक्रोशित भी हैं।


