बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के बढ़ने की वजह से राजस्थान के कोटा में 35 हजार बच्चे फंस गए हैं। राजस्थान सरकार ने कई छात्रों को अपने घर लौटने के लिए पास जारी किए, लेकिन बिहार सहित दूसरे राज्य उन बच्चों को राज्य की सीमा में दाखिल नहीं होने दे रहे हैं। इसकी वजह से यह प्रक्रिया रोक दी गई है।
राज्यों का कहना है कि कोटा में कोरोना के मरीज पाए गए हैं और वहां अभी तक 50 लोग इस वायरस से संक्रमित हुए हैं, राज्य में संक्रमण फैलने का खतरा है इसलिए छात्रों को रोका गया है। बिहार सरकार ने राजस्थान सरकार के रवैये पर नाराजगी जताते हुए केंद्र को पत्र भी लिखा है।
हालांकि अच्छी खबर ये है कि कोटा का कोचिंग क्षेत्र अभी तक इस बीमारी से अछूता है। कोचिंग संस्थानों और हॉस्टल संचालकों ने बच्चों के खाने-पीने के लिए इंतजाम भी किए हैं, लेकिन उनके माता-पिता चिंतित हैं। इन छात्रों में करीब 12-13 हजार लड़कियां हैं। उनका कहना है कि छात्रावास में चुनिंदा छात्र ही बचे हैं। ऐसे में कई फ्लोर पर एक-एक छात्र ही हैं।
सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र
अकेले रहने की वजह से कोटा में फंसे छत्रों में तनाव बढ़ रहा है। यहां के जिला प्रशासन और कोचिंग संस्थानों ने सहायता केंद्र बनाए हैं। हेल्पलाइन नंबर पर छात्र फोन कर लगातार घर जाने की जिद कर रहे हैं। कोचिंग संस्थानों और जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार कोटा में आठ राज्यों के छात्र फंसे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र हैं।
हालांकि पास जारी करने पर बढ़ रहे विवाद को देखते हुए कोटा प्रशासन ने इसपर मंगलवार देर शाम को रोक लगा दिया। पास बनवाने कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों छात्रों को पुलिस ने वापस हॉस्टल भेज दिया। संभागीय आयुक्त एलएन सोनी ने बताया कि छात्रों से कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान जो जहां है वहीं रहे।
पास जारी करने बाद इन छात्रों को दूसरे राज्यों की सीमा पर रोका जा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। इस समस्या को देखते हुए पास जारी करने की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। 20 अप्रैल को पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि स्थितियां ठीक रही तो उन्हें दोबारा पास जारी किए जाएंगे।
सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र
अकेले रहने की वजह से कोटा में फंसे छत्रों में तनाव बढ़ रहा है। यहां के जिला प्रशासन और कोचिंग संस्थानों ने सहायता केंद्र बनाए हैं। हेल्पलाइन नंबर पर छात्र फोन कर लगातार घर जाने की जिद कर रहे हैं। कोचिंग संस्थानों और जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार कोटा में आठ राज्यों के छात्र फंसे हैं, इनमें से सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश और बिहार के छात्र हैं।
हालांकि पास जारी करने पर बढ़ रहे विवाद को देखते हुए कोटा प्रशासन ने इसपर मंगलवार देर शाम को रोक लगा दिया। पास बनवाने कलेक्ट्रेट पहुंचे सैकड़ों छात्रों को पुलिस ने वापस हॉस्टल भेज दिया। संभागीय आयुक्त एलएन सोनी ने बताया कि छात्रों से कहा गया है कि लॉकडाउन के दौरान जो जहां है वहीं रहे।
पास जारी करने बाद इन छात्रों को दूसरे राज्यों की सीमा पर रोका जा रहा है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ रही है। इस समस्या को देखते हुए पास जारी करने की प्रक्रिया को बंद कर दिया गया है। 20 अप्रैल को पूरी स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यदि स्थितियां ठीक रही तो उन्हें दोबारा पास जारी किए जाएंगे।


