हेलो दोस्तों, आज मैं एक बार फिर से आप लोगो के लिए अपनी एक नई पोस्ट और नई जानकारी लेकर हाजिर हो गया हूँ . आज मैं आप 3 ऐसे त्योहारों के बारे में बताने जा रहा हूँ जो एक ही दिन मनाये जाते है. आज मैं आपको 26 जनवरी , गणतंत्र दिवस और Republic Day के बारे में बताने वाला हूँ. ये तीनो त्यौहार एक ही दिन मनाये जाते है. तो चलिए ज्यादा समय बर्बाद ना करते हुए सीधे मुद्दे पर आते है और जानते है की 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस और Repiblic Day क्यों मनाया जाता है .




why we celebrate 26 january


सबसे पहले मैं आपको बता दूँ की 26 जनवरी एक तारीख है जो गणतंत्र दिवस के रूप में मनाई जाती है और गणतंत्र दिवस को English में Republic Day कहा जाता है इसलिए ये तीनो त्यौहार एक ही है जिसे मैंने ऊपर अलग अलग करके बताया है . ऐसा नहीं है कि हममे से किसी को भी नहीं मालूम कि हम 26 january का त्यौहार क्यों मनाते है लेकिन आजकल के अच्छे 26 january का इतिहास नहीं जानते है और वो ये सब जानने के लिए Internet का Use करते है. इसलिए मैंने सोचा कि क्यों न Internet पर इसके बारे में पोस्ट लिखी जाए . तो चलिए ज्यादा समय बर्बाद न करते हुए हम सीधे मुद्दे पर आते है और जानते है कि हम 26 january क्यों Celebrate करते है.



 



गणतंत्र दिवस का इतिहास :-

इससे पहले मैंने आपको बताया था की हम 15 अगस्त क्यों मानते है . अगर आपने अभी तक मेरी वो पोस्ट नहीं पढ़ी है तो आप ऊपर दिए गए लिंक से मेरी वो पोस्ट पढ़ सकते है. जैसा कि आप सभी जानते है कि भारत को 1947 से पहले अंग्रेजो का गुलाम था. अंग्रेज पहले भारत में Buisness करने के लिए आये थे लेकिन धीरे धीरे उन्होंने भारत को अपना गुलाम बना लिया. भारत में आजादी की पहली लड़ाई 1857 में पानीपत में लड़ी गयी थी लेकिन वो लड़ाई ज्यादा सफल नहीं रही क्योकि ये आज़ादी की पहली लड़ाई थी.

.1857 की लड़ाई के बाद आज़ादी के लिए काफी लड़ाई लड़ी गयी. जिनमे हमारे हिन्दुस्थान देश के बहुत से वीर जवानो ने अपनी जान की बलि दे दी. आपको मैं ये बता दूँ कि भारत देश के आज़ाद होने से पहले हमारे देश का नाम हिन्दुस्थान था. अंग्रेजो ने हमारे देश से जाते जाते इसके दो टुकड़े कर दिए. जिसमे से एक का नाम भारत और दूसरे का नाम पाकिस्तान रखा गया.

1930 में भारत देश का सविधान लिखा गया था लेकिन इसे तब पूर्ण रूप से मान्यता नहीं मिली थी. फिर उसके बाद 26 january 1950 को सविधान के नियम को पूर्ण रूप से लागू किया गया. सविधान के नियम को Dr भीमराव आंबेडकर ने लिखा था. सविधान के नियम को लिखने में 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे. तब से हम 26 January का दिन गणतंत्र दिवस ( Republic Day ) के रूप में मनाते आ रहे है.

इस दिन क्या होता है :-

26 जनवरी के दिन दिल्ली के लाल किले पर प्रधानमंत्री द्वारा तिरंगा फहराया जाता है उसके बाद राष्ट्रगान गाया जाता है और उसके बाद 21 तोपों कि सलामी दी जाती है . थल सेना द्वारा परेड होती है और वायु सेना द्वारा ऊपर आसमान में करतब दिखाए जाते है जिसे देखने के लिए पुरे भारत और विदेशो से लोग दिल्ली आते है . इस दिन दिल्ली के लाल किले पर बहुत ज्यादा भीड़ होती है .


नया बदलाव :-


आज कल हमारे देश के युवको में एक नया बदलाव देखा गया है जैसे ही 26 जनवरी आने को होती है सभी लोग अपने दोस्तों को तिरंगे कि फोटो शेयर करने लग जाते है और 26 जनवरी आते आते वो तिरंगे कि फोटो सभी अपने whatsapp की profile फोटो में lga lete है . मैं उन सब से ये कहना चाहता हूँ कि केवल ऐसे मोको पर ही नहीं बल्कि देश भक्ति की भावना आपके मन में हर वक़्त होनी चाइये .


तो दोस्तों उम्मीद करूँगा आपको मेरी आज की ये पोस्ट पसंद आयी होगी. अगर आपको मेरी आज की ये पोस्ट पसंद आयी आयी है तो plz इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे ताकि दूसरे लोग भी इस पोस्ट की जानकारी हासिल कर सके. मैं एक बार फिर से हाजिर होऊंगा आप सब के साथ अपनी एक नई पोस्ट लेकर लेकिन तब तक के लिए जय हिन्द जय भारत