कोरोना वायरस से निबटने के लिए भारत के पास अब भी वक़्त - corona virus
वैश्विक महामारी का रूप ले चुका corona virus की वजह से चीन और इटली में रोजाना सैकड़ों मौतें हो रही है. वहीं, कई देशों में संक्रमित रोगियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है. हमारे देश में भी कोविड-19 से प्रभावित मरीजों का आंकड़ा 200 से पार कर चुका है. हालांकि यह दूसरे चरण में है, जिसे नियंत्रित करने के लिए हमारे पास अभी पर्याप्त समय है.
Corona virus के वजह से तमाम क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो रहा है, आर्थिक गतिविधियां ठप हो रही है और आवगमान प्रभावित हो रहा है. Corona virus की रोकथाम विभिन्न स्तरों पर तैयारी और इसके प्रभाव आदि की जानकारी के साथ प्रस्तुत है हम.
चीन के बाद इटली, ईरान, कोरिया, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित है.
हालांकि सरकार को उम्मीद है कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत में हालात में परिवर्तन आएंगे, लेकिन 6% के लक्ष्य को हासिल करने की चुनौती बनी रहेगी. कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से राजस्व में बढ़त हो सकती है. हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों और बैंकर्स का मानना है कि भारत के हालात आगे की भी चिंताजनक बने रहेंगे.
सरकार भी मान रही है कि मौजूदा वित्त वर्ष में लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है और नए साल में लक्ष्य को कम करना होगा. माना जा रहा है कि उपभोक्ता मांग में कमी आने से प्राप्तिओं में कमी आई है. ऑटो सेल्स, पैसेंजर ट्रैफिक, होटल बुकिंग और रिटेल सेल्स बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. हालांकि, भारत की स्थिति देशों के मुकाबले बेहतर है.
1. ऑफिस में आया कोई व्यक्ति इससे अनजान हो कि वह इस वायरस से संक्रमित है, उसके द्वारा आपके डेस्क को छूने से इस पर वायरस आ सकते हैं. इसलिए ऑफिस पहुंचने के बाद डेस्क को खुद से भी क्लीनिंग जेल से साफ करें.
2. इस वायरस का लक्षण सर्दी-जुकाम से मिलता है. आपको ऑफिस में सर्दी जुकाम से पीड़ित लोगों से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए. कम से कम लोगों से 1 मीटर की दूरी जरूर रखें.
3. कोरोना वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है. ऐसे में किसी गेस्ट से मुलाकात के दौरान हाथ ना मिलाएं, दूर से अभिवादन करें.
4. इन दिनों कैंटीन में कम ही जाए, तो बेहतर है. अगर जाएं भी तो ऐसे ही लोगों के साथ, जो पूरी तरह से स्वस्थ हो.
5. ऑफिस में छींक या खांसी से पीड़ित लोग आपको फ्लू संक्रमण भी दे सकते हैं. इसलिए किसी से कुछ लेना-देना हो, तो उनके द्वारा छूई हुई चीजों को छूने से बचें.
संक्रमित रहने की न्यूनतम अवधि 8 दिन है, लेकिन यह बहुत कम लोगों में पाई गई. शोधकर्ताओं ने कहा कि स्वस्थ हो चुके लोगों पर अध्ययन को आधार मानते हुए निर्धारित किया गया है कि वायरस के शरीर में जीवित रहने की अवधि औसत 20 दिन है.
अध्ययन में पाया गया है कि जिन मरीजों को उपचार के दौरान एचआईवी, एड्स रोधी दवाएं लोपिनावीर और रिटोनावीर दी गई, वह महज 14 दिनों में ठीक हो गए, यानी उनमें इस वायरस का प्रभाव जल्द खत्म होगा. वह गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों में 97% की मृत्यु हो गई.
जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि संक्रमण शुरू होने की औसत अवधि 5.1 दिन है. संक्रमण के लक्षण दिखने में अधिकता में 11.5 दिन लग सकते हैं. अभी 14 दिनों तक संक्रमण के लक्षण विकसित होने की अवधि मानी जाती हैं.
Corona virus के वजह से तमाम क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो रहा है, आर्थिक गतिविधियां ठप हो रही है और आवगमान प्रभावित हो रहा है. Corona virus की रोकथाम विभिन्न स्तरों पर तैयारी और इसके प्रभाव आदि की जानकारी के साथ प्रस्तुत है हम.
जरा भी न घबराएं, पूरी तरह एहतियात बरतें
दुनिया के कई दूसरे देशों के साथ-साथ भारत में भी corona virus को नियंत्रित करने में लगातार कामयाबी मिल रही है. दुनिया भर में अब तक करीब 80,000 संक्रमित लोग स्वस्थ हो चुके हैं. भारत में संक्रमित लोगों की संख्या बेहद कम है. उनमें से 17 ठीक हो चुके हैं.
वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक corona virus से संक्रमित लोगों के स्वस्थ होने की दर 92% है. जो मौतें हुई है, उनकी दर महज 8% है. लिहाजा यह भरोसा पक्का है कि सजगता, जागरूकता, स्वच्छता, सावधानी और तत्परता बरती जाए, तो corona virus को न केवल फैसले से हम रोक सकते हैं, बल्कि इसके संक्रमण में आए लोगों को ठीक भी कर सकते हैं. इसलिए corona virus से जरा भी ना घबराएं, बल्कि हर हाल में एतिहाद बरतें.
हर बुखार या सर्दी corona virus नहीं
सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक डॉक्टर जिनकी क्लीनिक में मामूली बुखार और सर्दी होने पर भी corona होने का डर लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं, मरीजों को यह साफ-साफ समझा रहे हैं कि हर बुखार खांसी बलगम या सर्दी corona नहीं है और इससे दहशत में आने की कोई जरूरत नहीं है. डॉक्टर बता रहे हैं.
1. बुखार, सर्दी, खांसी, बलगम, नाक बहना, जोड़ों में दर्द यह सब सामान्य समस्याएं हैं, जिनकी वजह पोलूशन, एलर्जी या सामान्य फ्लू हो सकता है.
2. तेज बुखार, सुखी खांसी और सांस फूलने जैसी शिकायतें एक साथ हो, तो कोरोनावायरस की जांच कराएं यह corona के लक्षण हो भी सकते हैं और नहीं भी.
Corona virus के लक्षण ( corona virus symptoms in Hindi )
नाक बहना, कफ और खांसी, गले में दर्द , सिरदर्द, कई दिनों तक रहने वाला बुखार, निमोनिया आदि corona virus के लक्षण है, अतः इनमें से किसी भी प्रकार की समस्या आप को आती है, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करे.
Corona virus से बचाव का तरीका
इस वायरस का आकार 400 से 500 माइक्रोन होता है तो कोई भी मस्क इसे आसानी से रोक सकता है. इसलिए आपको ज्यादा कीमत का मार्क्स लेने की जरूरत नहीं है.
यह वायरस हवा में नहीं रहता, इसलिए हवा से घबराने की कोई जरूरत नहीं है. यह किसी वस्तु पर या किसी जीव पर ही एक जगह से दूसरी जगह जाता है. इसलिए यह हवा से नहीं फैलता।
यह वायरस धातु पर पड़ा हो तो 12 घंटे तक ही जीवित रहता है, किसी ऐसी संक्रमित धातु को छूने के बाद साबुन और पानी से अच्छी तरह हाथ धोएं। दिन में कई बार अपने हाथों को धोएं।
गरम नमक के पानी से गरारे करें, यह वायरस को फेफड़े तक पहुंचने से रोकता है
भीड़ भाड़ वाले स्थानों में जाने से बचे.
अंडा व किसी भी प्रकार का मिट मछली इत्यादि का सेवन करने से बचें.
हाथों पर यह वायरस 10 मिनट तक रहता है इसलिए अल्कोहल सैनिटाइजर को लगाकर बचाव करें. Sanitizer को जेब में रखने की आदत डालें.
यह वायरस 26 से 27 डिग्री तापमान पर आने से मर जाता है, इसलिए गर्म पानी पिएं, और सूरज की धुप ले, आइसक्रीम और ठंडी चीजें खाने से बचें.
Corona virus कैसे फैलता है ?
इंसानों के जानवरों के संपर्क में आने पर, खांसने, छींकने, हाथ मिलाने आदि से corona virus फैलता है.
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| Corona virus |
Corona virus की चपेट लगभग दुनिया के सभी देश अब तक 7000 हजार लोगों की मौत और करीब 2 लाख लोग पीड़ित
चीन में करीब 3 महीने पहले दस्तक देने वाला घातक corona virus अब तक दुनिया भर के सभी देशों को अपनी गिरफ्त में ले चुका है. इससे करीब छह हजार लोगों की मौत हो चुकी है और दुनिया भर में करीब 2 लाख से अधिक लोग संक्रमित है.चीन के बाद इटली, ईरान, कोरिया, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस और अमेरिका सबसे अधिक प्रभावित है.
Corona virus का प्रभाव
भारत बीते कुछ तिमाही से आर्थिक विकास और राजस्व की चुनौतियों से जूझ रहा है. कोरोनावायरस की वजह से आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई है और निवेशकों में भय का माहौल बना है.हालांकि सरकार को उम्मीद है कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत में हालात में परिवर्तन आएंगे, लेकिन 6% के लक्ष्य को हासिल करने की चुनौती बनी रहेगी. कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से राजस्व में बढ़त हो सकती है. हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों और बैंकर्स का मानना है कि भारत के हालात आगे की भी चिंताजनक बने रहेंगे.
सरकार भी मान रही है कि मौजूदा वित्त वर्ष में लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल है और नए साल में लक्ष्य को कम करना होगा. माना जा रहा है कि उपभोक्ता मांग में कमी आने से प्राप्तिओं में कमी आई है. ऑटो सेल्स, पैसेंजर ट्रैफिक, होटल बुकिंग और रिटेल सेल्स बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. हालांकि, भारत की स्थिति देशों के मुकाबले बेहतर है.
ऑफिस में बरते ये सतर्कता
ऑफिस में काम करने वाले लोग अलग-अलग जगह से यात्रा करके आते हैं. संभव है कि इनमें से कोई कॉरोना वायरस से संक्रमित लोगों के संपर्क में भी आए हो. ऐसे में इसके संक्रमण से बचाव के लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें.
1. ऑफिस में आया कोई व्यक्ति इससे अनजान हो कि वह इस वायरस से संक्रमित है, उसके द्वारा आपके डेस्क को छूने से इस पर वायरस आ सकते हैं. इसलिए ऑफिस पहुंचने के बाद डेस्क को खुद से भी क्लीनिंग जेल से साफ करें.
2. इस वायरस का लक्षण सर्दी-जुकाम से मिलता है. आपको ऑफिस में सर्दी जुकाम से पीड़ित लोगों से उचित दूरी बनाए रखनी चाहिए. कम से कम लोगों से 1 मीटर की दूरी जरूर रखें.
3. कोरोना वायरस व्यक्ति से व्यक्ति में फैलता है. ऐसे में किसी गेस्ट से मुलाकात के दौरान हाथ ना मिलाएं, दूर से अभिवादन करें.
4. इन दिनों कैंटीन में कम ही जाए, तो बेहतर है. अगर जाएं भी तो ऐसे ही लोगों के साथ, जो पूरी तरह से स्वस्थ हो.
5. ऑफिस में छींक या खांसी से पीड़ित लोग आपको फ्लू संक्रमण भी दे सकते हैं. इसलिए किसी से कुछ लेना-देना हो, तो उनके द्वारा छूई हुई चीजों को छूने से बचें.
Corona virus पर लांसेट ने जारी की रिपोर्ट
08-37 दिन तक corona virus रहता है जिंदा, 11 दिन में दिखते है लक्षण
कोरोना संक्रमित व्यक्ति के शरीर में 37 दिन तक जीवित रह सकता है. लांसेट में प्रकाशित एक अध्ययन में दावा किया गया है कि इस बीमारी की चपेट में आने पर 37 दिन तक का समय लग सकता है.
संक्रमित रहने की न्यूनतम अवधि 8 दिन है, लेकिन यह बहुत कम लोगों में पाई गई. शोधकर्ताओं ने कहा कि स्वस्थ हो चुके लोगों पर अध्ययन को आधार मानते हुए निर्धारित किया गया है कि वायरस के शरीर में जीवित रहने की अवधि औसत 20 दिन है.
अध्ययन में पाया गया है कि जिन मरीजों को उपचार के दौरान एचआईवी, एड्स रोधी दवाएं लोपिनावीर और रिटोनावीर दी गई, वह महज 14 दिनों में ठीक हो गए, यानी उनमें इस वायरस का प्रभाव जल्द खत्म होगा. वह गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों में 97% की मृत्यु हो गई.
05 से 11 दिन लग सकते है लक्षण दिखने में
जॉन हापकिंस यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन में दावा किया गया है कि संक्रमण शुरू होने की औसत अवधि 5.1 दिन है. संक्रमण के लक्षण दिखने में अधिकता में 11.5 दिन लग सकते हैं. अभी 14 दिनों तक संक्रमण के लक्षण विकसित होने की अवधि मानी जाती हैं.
किया है यूनिसेफ के दिशा निर्देश
यूनिसेफ ने corona virus को लेकर कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी है. उसने अपने दिशा निर्देश में कहा है कि सबसे प्रमुख सावधानी यही है कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें.
1. किसी मेटल, दरवाजा आदि को छूने के बाद अपने हाथ 20 सेकंड तक धोएं.
2. बाहर से आने के बाद कपड़े धोए, नहीं धो सकते हैं तो कुछ देर के लिए धूप में रखें.
3. किसी से हाथ मिलाना पड़े, तो फिर अपने हाथ सैनिटाइजर साफ करें.
4. यदि छींक आ रही है या कोई और छींक रहा है, तो उससे 4 मीटर दूर हो जाए, छींकते समय मुंह पर कपड़ा जरूर रखें.
5. कोरोना वायरस ठंड में ज्यादा प्रभावित होता है, लिहाजा ठंडी चीजें खाने से बचें.
6. जितना हो सके घर में ही बने गर्म और ताजा भोजन का सेवन करें. थोड़ी-थोड़ी देर पर गर्म पानी पीते रहे भोजन में मिर्च अदरक का उपयोग करें.
Corona virus के चार चरण
पहला चरण : ज्यादातर मामले प्रभावित देशों से आते हैं
दूसरा चरण : प्रभावित लोगों से स्थानीय स्तर पर संक्रमण. भारत अभी इस चरण में है.
तीसरा चरण : सामुदायिक स्तर पर बीमारी का फैलाव, बड़ा भू-भाग प्रभावित.
चोथा चरण : बीमारी महामारी का रूप ले लेता है, जिसका कोई अंत नजर नहीं आता. चीन और इटली इस चरण में प्रवेश कर चुके हैं.
हम कैसे इसे दूसरे तीसरे चरण में रोक सकते हैं
पिर्थक करके : कोविड-19 से प्रभावित देशों से आने वाले व्यक्ति को बीमारी के लक्षण की परवाह किए बगैर 14 दिनों के लिए पृथक कर दिया जाता है.
संपर्क पर निगरानी : अगर कोई व्यक्ति संक्रमित पाए जाता है, तो उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी निगरानी में रखा जाता है. अगर कोई लक्षण होता है तो उसको पृथक किया जा सकता है.
भीड़ पर रोक : ज्यादातर राज्यो में स्कूल, सिनेमा हॉल या अन्य सार्वजनिक जुटाव कार्यकर्म पर रोक लगा दी जाती है.
जागरूकता : आम जनता को हाथ को साफ रखने और सांस में संबंधित जागरूकता दी जाती है.
संपर्क पर निगरानी : अगर कोई व्यक्ति संक्रमित पाए जाता है, तो उसके संपर्क में आने वाले व्यक्ति को भी निगरानी में रखा जाता है. अगर कोई लक्षण होता है तो उसको पृथक किया जा सकता है.
भीड़ पर रोक : ज्यादातर राज्यो में स्कूल, सिनेमा हॉल या अन्य सार्वजनिक जुटाव कार्यकर्म पर रोक लगा दी जाती है.
जागरूकता : आम जनता को हाथ को साफ रखने और सांस में संबंधित जागरूकता दी जाती है.
किया अंतर है फ्लू और covid-19 में
उत्तरी गोलार्ध में फ्लू के मौसम में तेजी से फैलते कोरोनावायरस की वजह से पूरी दुनिया में अफरा-तफरी का माहौल है. यहां तक कि डॉक्टरों को भी फ्लू और इस वायरस के लक्षण स्पष्ट करने में मुश्किलें हो रही हैं. लक्षण को पहचानने में होने वाली देरी की वजह से कई देशों में इसका संक्रमण तेजी से बड़ रहा है.
सामान्य तौर पर फ्लू के संक्रमण में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द और थकान होती है. अस्पतालों में लाए गए covid-19 के मरीजों में बुखार और फ्लू के लक्षण पाए गए. कोरोना वायरस के ज्यादातर मरीजों में निमोनिया के लक्षण है. जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है.
सामान्य तौर पर फ्लू के संक्रमण में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, गले में खराश, सिर दर्द और थकान होती है. अस्पतालों में लाए गए covid-19 के मरीजों में बुखार और फ्लू के लक्षण पाए गए. कोरोना वायरस के ज्यादातर मरीजों में निमोनिया के लक्षण है. जिससे सांस लेने में दिक्कत हो रही है.



